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हुज़ूर ख्वाजा गरीब नवाज़ रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का ये नूरानी काफिला अजमेर शरीफ़ कब आया

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*

*🧮 पोस्ट 074▪️*

*📝 सवाल-;*
*📇     हुज़ूर ख्वाजा गरीब नवाज़ रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का ये नूरानी काफिला अजमेर शरीफ़ कब आया*


*✍️ जवाब -;*
*📇     हुज़ूर ख्वाजा गरीब नवाज़ रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का ये नूरानी और रूहानी काफिला 10 मुहर्रम 561 हिज्री को अजमेर पहुंचा तो ख्वाजा गरीब नवाज़ रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने शहर के बाहर एक मक़ाम पर साया'दार दरख़्त के नीचे बैठना चाहा तो राजा पृथ्वीराज के मुलाज़िमों ने बड़ी बद अख़लाकी और निहायत बद'तमीज़ी से उस जगह बैठने से मना किया कहा कि इस जगह हमारे राजा के ऊंट बैठते हैं-लिहाज़ा आप यहां नहीं बैठ सकते सरकार गरीब नवाज़ ने फरमाया कि ठीक है मैं यहां से जाता हूं तुम्हारे राजा के ऊंट बैठते हैं तो अब बैठे ही रह जायेंगे ख्वाजा गरीब नवाज़ रज़ियल्लाहु तआला अन्हु वहां से रवाना हो गए और अना'सागर के क़रीब क़याम किया शाम हुई तो राजा के ऊंट अपनी चरागाहों से आऐ और अपनी जगह पर बैठ गये -तो ऊंट ऐसे बैठ गऐ कि उठाने से भी न उठ सके-ऐसा महसूस होता था कि इनके सीने ज़मीन से चिपक गये हों सुबह के वक़्त राजा के मुलाज़िमों ने ऊंटों को उठाना चाहा तो हज़ार कोशिश करने के बाद भी ऊंट न उठ सके उनको मारा भी गया फिर भी वो अपनी जगह से ना उठे सायेबान मुलाजिमों ने राजा पृथ्वी राज के पास ये अरीज़ा लेकर गए और सारा वाक़िया कह सुनाया तो राजा पृथ्वीराज ने कहा कि ज़रूर ये उस फक़ीर के साथ की गयी बद अख़लाकी और बद तमीज़ी का सिला है सो उन्हें ढूंढो और उनसे माफी मांगो,सायेबान गरीब नवाज़ की बारगाह में हाज़िर होकर माफी के तलबगार हुए  तो ख्वाजा गरीब नवाज़ रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने उन्हें माफ़ कर दिया और फरमाया जाओ अल्लाह तआला की बारगाह से तुम्हारे ऊंटों के उठने का हुक्म हो चुका है अब जब वो वापस आकर देखते हैं तो सबके सब ऊंट अपनी जगह से खड़े हो चुके हैं ख्वाजा गरीब नवाज़ रज़ियल्लाहु तआला अन्हु की ये रुहानी ताक़त और करामत देख कर सब दंग रह गए*
*📚 सियरुल अक़्ताब सफह 124*
*📚 ख़ज़ीनतुल अस्फ़िया जिल्द 01 सफह 268*
*📚 मसालिकुस्सालिकीन जिल्द 02 सफह 274*
*📚 मूनिसुल अरवाह सफह 31*
*📚 अनवारुल बयान जिल्द 02 सफह 290*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फ़कीर रज़वी क़ादरी हनफ़ी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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