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بسم الله الرحمن الرحيم

الصلٰوة و السلام عليك يا رسول الله ﷺ

6 RAJABUL MURAJJAB SHAREEF,

808 URS MUBARAK,

A'TAA E RASOOL,

AASHIQ E RASOOL,

MEHBOOB E RASOOL,

🌺MUREED WA KHALEEFA E HAZRAT KHAWAJA USMAN HAARWANI,

SULTANUL HIND,

KHAWAJA E KHAWAJGAAÑ,

FAKHR E HINDUSTAAN,

WAALI E
BE-KASA,

🌺GHAREEB NAWAAZ,

💐HAZRAT SAYYIDUNA
KHAWAJA HASAN MOINUDDEEN CHISHTI HASANI HUSAINI SANJARI AJMERI.
RADI ALLAHU TA'ALA ANHUMA.

🌺AJMER SHAREEF,
RAJASTHAN.


"HIND KE BAADSHAAH DEEN KE WO MOIN-
KHAWAJA E DEEN O MILLAT PE LAAKHOÑ SALAAM"

"BAAB E HARAM KHULA HAI CHHATI KI BAHAAR HAI-
HAR SOO NUZOOL REHMAT E PARWARDIGAR HAI."


"SARKAR KHAWAJA GHAREEB NAWAAZ 
RADI ALLAHU TA'ALA ANHU KI CHHATI SHAB MUBARAK"


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मुई़नुद्दीन ह़सन सन्जरी या सिज्ज़ी

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 मुई़नुद्दीन ह़सन सन्जरी या सिज्ज़ी 🥀* _ह़ुज़ूर ख़्वाजा ग़रीब नवाज़, ख़्वाजा मुई़नुद्दीन चिश्ती अजमेरी رضی الله عنہ का इस्मे मुबारक *ह़सन* है, और आप का अस़्ल निस्बती लक़ब *“सिज्ज़ी”* है, न कि अ़वाम में राइज *“सन्ज़री”* - इसकी वजह येह है कि आप का तअ़ल्लुक़ इ़लाक़ह *“सिज्ज़”* से था, जो कि सिजिस्तान का मुख़्तस़र और सीस्तान का मुअ़र्रब है, और क़वाइ़दे अ़रबी के मुत़ाबिक़ इस की निस्बत *सिज्ज़ी* बनती है। मोअ़्तबर कुतुबे तारीख़ व तज़्किरह, जैसे मनाक़िबुल् ह़बीब, तहज़ीबुल् अस्मा वल् लुग़ात और मुअ़्जमुुल् बुलदान में स़राह़त के साथ सीन पर ज़ेर, जीम साकिन और आख़िर में नुक़्त़ह् दार ज़ (राए मुअ़ज्जमह) का ज़िक्र है। - *लिहाज़ा “सन्जरी” कहना या लिखना तह़क़ीक़ी त़ौर पर ग़लत़ है, और दुरुस्त “सिज्ज़ी” ही है।*_ *ह़ज़रत अ़ल्लामह क़ारी लुक़मान शाहिद स़ाह़ब क़िब्लह तह़रीराते लुक़मान के स़फ़्ह़ह नम्बर 523 पर लिखते हैं:* हिन्दुस्तान के मशहूर स़ूफ़ी बुज़ुर्ग ह़ज़रते ख़्वाजा मुई़नुद्दीन चिश्ती अजमेरी علیہ الرحمہ का नामे पाक ह़सन है, और अ़वाम व ख़वास़ आप को ह़सन सन्जरी कहते, लिखते हैं - आप...